पूछता कौन है परिन्दे से,
तू किस डाली का महमान हैँ।
बैठ जाये तू जिस डाली पे,
बस वही तेरा जहान हैँ।।
चिंगम चबाने से कौन सी बीमारी ठीक होती है
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आजकल हम में से बहुत से लोग चिंगम (Chewing Gum) चबाना पसंद करते हैं। कोई इसे
माउथ फ्रेशनर की तरह इस्तेमाल करता है, तो कोई सिर्फ अपने स्ट्रेस को कम करने...
4 हफ़्ते पहले

9 टिप्पणियाँ:
पंछी जहाँ जाते है वही अपनी दुनियाँ बना लेते है कितना सटीक कहा हैँ आपने। अति सुन्दर!
पंछियोँ का संसार निराला होता है । सुन्दर पंक्तियाँ! आभार
सुन्दर पंक्तियाँ।बधाई
बेहतरीन ....तभी तो लगता है की काश हम भी परिंदा होते ..
सुन्दर पंक्तियाँ।बधाई
सच में आदमी ही है जो एक आशियाना बनाने तक को मोहताज हो जाता है!
वाह जनाब वाह मैंने आपकी रचनाए पहली बार सुनी और आपके मुरीद हो गए हैं...
बाकमाल लिखते हैं आप.... बहुत खूब
छोटी मगर बहुत अर्थपूर्ण रचना । बधाई।
पूछता कौन है परिन्दे से,
तू किस डाली का महमान हैँ।
......सुन्दर पंक्तियाँ! आभार
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