मंगलवार, अक्टूबर 25, 2016

माचिस की तीलियाँ

एक जैसी ही दिखती थी............माचिस की वो तीलियाँ,
कुछ ने दीये जलाये....................और कुछ ने घर।

कुछ ने महकाई.................. अगरबत्तियां मंदिर में,
तो कुछ ने सुलगाए..............सिगरेट के कश।

रविवार, जनवरी 19, 2014

हौसला हो बुलंद।

जैसे कंधे पे इक दोस्त का हाथ हो
जैसे लफ्ज़ों पे दिल की हर बात हो।

जैसे आँखों से चिंता की चिलमन हटे
जैसे मिट जाए हर ग़म कुछ इतना घटे।

मंगलवार, दिसंबर 31, 2013

HAPPY NEW YEAR


Lamha-lamha waqt gujar jayega,

kuch samay baad naya saal ayega,

ye naya saal aap ke liy,

dher sari kushi aur uphar layega.
phele hi apko wish krdu "HAPPY NEW YEAR"

warna ye baazi koi aur maar jayega,
Happy New Year u & ur Family.

शुक्रवार, दिसंबर 27, 2013

बेटियां


बेटियां शुभकामनाएं हैं,
बेटियां पावन दुआएं हैं।

बेटियां गुरुग्रंथ की वाणी,
बेटियां वैदिक ऋचाएं हैं।

मंगलवार, अप्रैल 16, 2013

वर्तमान


उस पल की क्या सोच रहा,
जरा इस पल की तू सोच।
जिस पल में खोया रहता है,
वह पल खुद है मदहोश।
जरा जी ले वर्तमान को,
ले छू आसमां को।

सोमवार, नवंबर 21, 2011

कभी न डरना


सच कहने से प्यारे कभी तुम न डरना आगे बढ़ते रहना,
धर्म के कामोँ मेँ तुम आगे बढ़ते रहना।

देश की खातिर भी तुम आगे बढ़ते चलना,
स्वर्ग मार्ग दिखाता है ऐसा करना।

सोमवार, नवंबर 07, 2011

कर्म


कर्म दैविक सम्पदा का द्वार है;
विश्व के उत्कर्ष का आधार है।

कर्म पूजा, साधना का धाम है;
कर्मयोगी को कहीँ विश्राम है।

शुक्रवार, अक्टूबर 21, 2011

प्रगति पथ पर बढ़ता मानव


मानव विकास की चाह मेँ।
बढ़ता हुआ इंसान।।

भौतिक सुखोँ की तलाश मेँ।
प्रकृति के नियमोँ का उल्लंघन कर।
एकांकी बन गया इंसान।।

शनिवार, सितंबर 24, 2011

वर्षा ऋतु


कारे कजरारे बादलोँ की घटा छा रही,
सारा आसमां सबही के मन भाया है।

सोमवार, सितंबर 19, 2011

मुफ्त मेँ सेहत बनाइये


सुबह-सुबह पार्क मेँ क्या होता है,
मत पूछिए गजब का तमाशा होता है।

औरत हो या मर्द, गर्म हो या सर्द,
उछल-कूद मचती है, इक जोश सा होता है।

गुरुवार, सितंबर 08, 2011

दिन कुछ ऐसे गुजरता है कोई


दिन कुछ ऐसे गुजरता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई

आईना देख के तसल्ली हुई
हमको इस घर मेँ जानता है कोई

शनिवार, अगस्त 06, 2011

लचीलापन(कहानी)



एक साधक के पास एक
व्यक्ति ने आकर अपना
दुखड़ा सुनाया। वह अपनी
पत्नी से बहुत परेशान था।
उसने कहा कि उसकी पत्नी
बहुत कंजूस और कठोर
अनुशासन वाली है। उसके
नियम ,कायदोँ और
पाबंदियोँ से वह तंग आ
गया है।

सोमवार, जुलाई 11, 2011

मेहनत


तकदीर नहीँ , हाथोँ की मेहनत
पहुँचाती साहिल तक हमको।

रेल नहीँ , रेल की पटरी
ले जाती मंजिल तक हमको।

शनिवार, जून 25, 2011

बस छोटा सा जीव हूँ मैँ


बस छोटा सा जीव हूँ मैँ
छोटा सा पेट है मेरा
थोड़ा सा ही खाता हूँ
उसे भी ना पचा पाता हूँ।

शनिवार, जून 11, 2011

भ्रष्टाचार (हास्य व्यंग्य)


रास्ते मेँ जाते हुए मेरा पैर
एक बोतल से टकराया ।

अचानक हुआ एक भयानक विस्फोट
फैल गया चारोँ ओर धुँआ ही धुँआ ।

शनिवार, मई 28, 2011

जिँदगी क्या मोड़ लेती है


जिँदगी क्या मोड़ लेती है
हमारा साथ छोड़ देती है ।

गुजरा हुआ पल, बीता हुआ कल,
जिनकी याद मुझे आती है ।

रविवार, अप्रैल 24, 2011

ख्वाब रखो


रहो जमीँ पे मगर आसमां का ख्वाब रखो,
तुम अपनी सोच को हर वक्त लाजवाब रखो।

खड़े न हो सको इतना न सर को झुकाओ कभी,
तुम अपने हाथ मेँ किरदार की किताब रखो।

रविवार, अप्रैल 17, 2011

बस ढूंढते रह जाओगे


चीजोँ मेँ कुछ चीज, बातोँ मेँ कुछ बातेँ,
वो होगी, जो देख नहीँ पाओगे
कुछ समय बाद, बस ढूँढते रह जाओगे ।

बच्चोँ मेँ बचपन, जवानोँ मेँ यौवन,
संतो की वाणी, कर्ण सा दानी
नल मेँ पानी, जैल सिँह सा ग्यानी
नानी की कहानी, रावण सा अभिमानी ।
कुछ सालोँ बाद, बस ढूंढते रह जाओगे ।

सोमवार, अप्रैल 11, 2011

जमाना


कैसा आ गया है जमाना अब रिश्वत का ,
ये हवायेँ करेँगी फैसला अब दीये की किस्मत का ।

रविवार, मार्च 27, 2011

उन्हीँने भुला दिया मुझे जिनपे दिल निसार था


उन्हीँने भुला दिया मुझे जिनपे दिल निसार था ,
लूटा ही गया है मुझको नाम देकर प्यार का ।

ऊपर से हँस दिया मैँ लेकिन दिल मेँ उदासी ही रही ,
क्या मेरी जिँदगी मेँ खुशियाँ जरा सी भी नहीँ ,
भटकता रहा हूँ मैँ कब से तलाशे मुहब्बत मेँ ,
प्यार भरी मेरी ये निगाहेँ प्यार की प्यासी ही रहीँ ।