जैसे कंधे पे इक दोस्त का हाथ हो
जैसे लफ्ज़ों पे दिल की हर बात हो।
जैसे आँखों से चिंता की चिलमन हटे
जैसे मिट जाए हर ग़म कुछ इतना घटे।
जैसे राहों में सपनों की कलियाँ खिले
जैसे दिल में उजालों के दरिया बहे।
जैसे तन-मन कोई गीत गाने लगे
जैसे सोई हुई हिम्मत अंगडाई ले।
जैसे जीना ख़ुशी की कहानी लगे
जैसे बंद रास्ते भी अब खुलने लगे।
हौसला जैसे आसमां से हो बुलंद
'अंजान'उड़ानों को पर खुलने लगे।
चिंगम चबाने से कौन सी बीमारी ठीक होती है
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आजकल हम में से बहुत से लोग चिंगम (Chewing Gum) चबाना पसंद करते हैं। कोई इसे
माउथ फ्रेशनर की तरह इस्तेमाल करता है, तो कोई सिर्फ अपने स्ट्रेस को कम करने...
2 हफ़्ते पहले



1 टिप्पणियाँ:
सच में, हौसला बुलंद रहे।
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